Kadam tree in India, ये कदम्ब का पेड़ अगर माँ होता यमुना तीरे

Anisha
Views: 6600

flowering kadamb tree Indian flora

My first acquaintance with a Kadamb tree was through this poem by Subhadra Kumari Chauhan, recited by a classmate Divya Singh for a Hindi elocution competition. She won a prize for it too. A Kadamb tree was a rare sight in the 1980s in Lucknow.

Now these trees line the road to my house:) thanks to the U.P. Department of Forests. The Kadamb is now a popular tree used for urban reforestation.

ये कदम्ब का पेड़ अगर माँ होता यमुना तीरे
मैं भी उस पर बैठ कन्हैया बनता धीरे-धीरे

ले देती यदि मुझे बांसुरी तुम दो पैसे वाली
किसी तरह नीची हो जाती ये कदम्ब की डाली

तुम्हें नहीं कुछ कहता पर मैं चुपके-चुपके आता
उस नीची डाली से अम्मा ऊँचे पर चढ़ जाता

वहीं बैठ फिर बड़े मजे से मैं बांसुरी बजाता
अम्मा-अम्मा कह बंसी के स्वर में तुम्हें बुलाता

सुन मेरी बंसी को माँ तुम इतनी खुश हो जाती
मुझे देखने काम छोड़ तुम बाहर तक आती

तुमको आता देख बांसुरी रख मैं चुप हो जाता
पत्तो में छिपकर धीरे से फिर बांसुरी बाजाता

घुस्से होकर मुझे डाटती कहती नीचे आजा
पर जब मैं न उतरता हंसकर कहती मुन्ना राजा

नीचे उतरो मेरे भईया तुम्हे मिठाई दूँगी
नए खिलोने माखन मिसरी दूध मलाई दूँगी

मैं हंस कर सबसे ऊपर टहनी पर चढ़ जाता
एक बार ‘माँ’ कह पत्तों मैं वहीँ कहीं छिप जाता

बहुत बुलाने पर भी माँ जब नहीं उतर कर आता
माँ, तब माँ का हृदय तुम्हारा बहुत विकल हो जाता

तुम आँचल फैला कर अम्मा वहीं पेड़ के नीचे
ईश्वर से कुछ विनती करती बैठी आँखें मीचे

तुम्हें ध्यान में लगी देख मैं धीरे-धीरे आता
और तुम्हारे फैले आँचल के नीचे छिप जाता

तुम घबरा कर आँख खोलतीं, पर माँ खुश हो जाती
जब अपने मुन्ना राजा को गोदी में ही पातीं

इसी तरह कुछ खेला करते हम-तुम धीरे-धीरे
यह कदम्ब का पेड़ अगर माँ होता यमुना तीरे

-द्वारा, श्रीमती सुभद्रा कुमारी चौहान

Kadamb flower

kadamb flower in India

The Kadamb flower is a fascinating sight. The Kadamb tree in bloom is visited frequently by butterflies and kids.

how to use kadamb flower

I found these young men harvesting the fruit for eating. Though, the Kadamb is an important tree in Ayurvedic formulae, and used extensively as medicine, I was totally unaware that it was an edible fruit with a slightly tangy taste that kids love. I would have discovered that, had I been around a blooming Kadam tree when I was a kid. I feasted on Gulmohar petals instead.

Other than the poem by Subhadra Kumari Chauhan ji, I heard about Kadam trees in tales of Krishna, Vrindavan and the folk songs that celebrated seasons, devotion and Vrindavan. Recently I found a song by Malini Awasthi ji in Brajbhasha, a Jhoolan song celebrating the rainy season and Sri Radha-Krishna.

झूला झूलत मोरा जियरा डरत है,

लचके कदमिया की डारी, अरे सांवरिया|



blog comments powered by Disqus



Tiger spotting at Jim Corbett National Park, Dhikala Photo journal

Phool Bangla at Sri Kanak Bhawan, Ayodhya Photo Journal

Find us on Facebook