
दया करो तो अभी ही कर दो, हे नाथ फिर कब दया करोगे?
सुनाई होगी ना नाथ जब तक, पुकार यूं ही सुना करोगे
१. अगर तुम्हारी दया ना होगी, तो नाथ मेरी गुज़र ना होगी; ख़ता है मेरी ज़रूर लाखों, हे नाथ तुम ही क्षमा करोगे
२. भंवर के बस में पड़ी है नैया, सहारा देखूं तुम्हारा कब तक; करो किनारे पे जल्दी आकर, हुई जो देरी तो क्या करोगे
३. सुना है हम अंश हैं तुम्हारे, तुम्हीं हो सच्चे प्रभु हमारे; पसारो भुज को, उबारो मुझ को, जनम जन्म से हूं मैं फंसाया
2eb23949-9162-4f02-b034-778f8880dea3|1|3.0