January 21, 2012 11:33 by
anisha
मत मारो नैनन की चोट, रसिया…
होरी में मोहे लग जायेगी
१. मैं तो नारि पराये घर की, पराये घर की, पराये घर की
तुम तो बड़े वो हो, हो रसिया, होरी में मोहे लग जायेगी
२. अब की बार बचाय गयी मैं, बचाय गयी मैं, बचाय गयी मैं
कर घंघटे की ओट, रसिया, होरी में मोहे लग जायेगी
३. मैं तो भरी लाज की मारी, लाज की मारी, हां लाज की मारी
तुम हो बड़े चितचोर, रसिया, होरी में मोहे लग जायेगी
४. रसिक गोवंद वहीं जाय खेलो, वहीं जाय खेलो, वहीं जाय खेलो
जहां तुम्हारी जोड़, रसिया, होरी में मोहे लग जायेगी
Playful Govind, go and play with your equal (Radha).
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