April 29, 2011 23:45 by
anisha
तुम कहां छुपे भगवन हो, मधुसूदन हो, मोहन हो,
कहां ढूंढू रमा रमन हो, मेरे प्यारे मनमोहन हो
क्या छुपे क्षीरसागर में, या गोपिन की गागर में,
या छुपे भक्त-हृदय में, मेरे प्यारे मनमोहन हो
हो सांवरी सूरत वाले, इक बार दिखा दे झांकी,
है कसम तुम्हें राधा की, मेरे प्यारे मनमोहन हो
मेरे हृदय कुंज में आओ, बस आओ तो बस जाओ
आओ तो छुप जाओ, यहां प्रेम सुधा बरसाओ
यहां प्रेम सुधा बरसाओ, मेरे प्यारे मनमोहन हो
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