मंगल-मूरति मारुत-नंदन। सकल-अमंगल-मूल-निकंदन Vinay Patrika Hanuman ji Bhajan lyrics and audio video

मंगल-मूरति मारुत-नंदन। सकल-अमंगल-मूल-निकंदन ॥ १ ॥

पवनतनय संतन हितकारी। ह्रदय बिराजत अवध-बिहारी ॥ २ ॥

मातु-पिता,गुरु,गनपति,सारद। सिवा समेत संभु,सुक,नारद ॥ ३ ॥

चरन बंदि बिनवौं सब काहू। देहु रामपद-नेह-निबाहू ॥ ४ ॥

बंदौं राम-लखन-बैदेही। जे तुलसीके परम सनेही ॥ ५ ॥


मंगल-मूरति मारुत-नंदन। सकल-अमंगल-मूल-निकंदन Vinay Patrika Hanuman ji Bhajan lyrics and audio video
Anisha
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Ep # 5 of 394 सुखसागर श्रीमद भागवत महापुराण, माहात्म्य 5 अध्याय, पित्रों की मुक्ति हेतु श्रीमद्भागवत कथा