1.5 बालकाण्ड, दैनिक रामायण जी का पाठ #श्रीरामचरितमानस, शत्रु पर विजय हेतु संपुट के साथ, Ramayan for kids

मैं अपनी दिसि कीन्ह निहोरा। तिन्ह निज ओर न लाउब भोरा ॥
बायस पलिअहिं अति अनुरागा। होहिं निरामिष कबहुँ कि कागा ॥
बंदउँ संत असज्जन चरना। दुखप्रद उभय बीच कछु बरना ॥
बिछुरत एक प्रान हरि लेहीं। मिलत एक दुख दारुन देहीं ॥
उपजहिं एक संग जग माहीं। जलज जोंक जिमि गुन बिलगाहीं ॥
सुधा सुरा सम साधू असाधू। जनक एक जग जलधि अगाधू ॥
भल अनभल निज निज करतूती। लहत सुजस अपलोक बिभूती ॥
सुधा सुधाकर सुरसरि साधू। गरल अनल कलिमल सरि ब्याधू ॥
गुन अवगुन जानत सब कोई। जो जेहि भाव नीक तेहि सोई ॥
दो. भलो भलाइहि पै लहइ लहइ निचाइहि नीचु।
सुधा सराहिअ अमरताँ गरल सराहिअ मीचु ॥ ५ ॥

Daily Ramayana reading series/playlist

Easy to read and sing
Easy to teach children how to read the Ramayan original text by Goswami Tulsidasji
Encourages even a non-singer to read Sri RamCharitmanas by themselves!
Jai Sri Ram! Jai Hanuman! Jai Gurudev!
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1.5 बालकाण्ड, दैनिक रामायण जी का पाठ  #श्रीरामचरितमानस, शत्रु पर विजय हेतु संपुट के साथ, Ramayan for kids
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